ये ब्लाॅग अपने आस पास से गुजरती हुई सभी आमो खास बातों को समर्पित है
एक लम्बी दौड़ फिर थक हर केर बैठना , फिर एक सवाल इतनी mअहनत
इतनी कौशिश किस लिए क्या जो हम चाह रहे थे वो यही है'या अभी और दौड़ना बाकी है ,लेकिन कब तक ये दौड़ chaleygi